उत्तराखंडदेहरादूनविधानसभा

भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप

 

विधायक वीरेंद्र जाती ने बजट कटौती प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि बिजली विभाग में भारी भ्रष्टाचार है। मीटर जंपिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं और उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। नए ट्यूबवेल कनेक्शन में कई महीनों का समय लग रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग अपनी क्षमता बढ़ाने में पूरी तरह विफल है। किसानों की बिजली रोककर कंपनियों को बिजली दी जा रही है। साथ ही, विभाग द्वारा बिजली चोरी के मुकदमे जबरदस्ती दर्ज किए जा रहे हैं। विधायक काजी निजामुद्दीन ने उत्तराखंड में बिजली विभाग के घाटे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 2021-22 में विभाग को 21 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जो 2022-23 में बढ़कर 1224 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने पूछा कि यह नुकसान इतना अधिक कैसे हो गया?

मंत्री का जवाब

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिजली चोरी और मीटर जंपिंग को रोकने के लिए स्मार्ट मीटर लाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष बजट को 1 रुपया करने की बात कर रहा है, जबकि सरकार बजट बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विभाग की मांग के अनुसार ही बजट आवंटित किया जाता है।