मंत्री ने लकड़ी व्यापारियों से की मुलाकात
उत्तराखंड प्रदेश के वन एवं स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल अपने कुमाऊं दौरे पर हैँ जिसके चलते उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर की कृषि मंडी गेस्ट हाउस में आज शुक्रवार देर शाम पहुंचे | जहां पर भाजपा नेता शैलेंद्र मोहन सिंघल के नेतृत्व में जसपुर के लकड़ी व्यापारी ने वन मंत्री से मिले…और लकड़ी कारोबार से संबंधित आ रही परेशानियों को उनके समक्ष रखा इस दौरान मंत्री सुबोध उनियाल ने मौजूद संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए लकड़ी व्यापारियों के समक्ष आ रही परेशानियों का समाधान करने के निर्देश दिए।
आपको बता दें कि उत्तराखंड सरकार के वन मंत्री सुबोध उनियाल जनपद उधम सिंह नगर के दौरे पर हैँ जिसके चलते काशीपुर के मुरादाबाद रोड स्थित मंडी गेस्ट हाउस में पहुंचे जहां पर बरिष्ठ भाजपा नेता शैलेन्द्र मोहन सिंघल के नेतृत्व मे जसपुर की लकड़ी मंडी के व्यापारियों ने वन मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाक़ात की.. साथ ही लकड़ी व्यापारी तथा वन निगम के बीच असमन्वय और लकड़ी व्यापार में आ रही परेशानियों को मंत्री जी के समक्ष रखा… यहां पर व्यापारियों ने वन निगम की आय को बढ़ाने के लिए मंत्री सुबोध उनियाल को सुझाव भी दिए…इस दौरान वन विभाग के उपस्थित आला अधिकारीयों को मंत्री उनियाल ने निर्देशित किया की व्यापारियों के हित में और वन निगम की आय को बढ़ाने के लिए ऐसे कदम उठाने चाहिए ताकि दोनों के ही हित मे हो । सर्वप्रथम व्यापारियों ने वन विभाग के अधिकारियो पर आरोप लगाया की जलोनी लकड़ी से भरी ट्रालीयों को रोकर जब्त कर लिया जाता हैँ और उसके बाद ना हीं माल का पता लगता और ना ही वाहन का उसके अधिकारी अपनी मनमानी से हजारों रुपए का चालान काट दिया जाता हैँ जबकि जालौनी लकड़ी ना ही प्रतिबंधित हे और नहीं टैक्स के दायरे में आती है…दूसरी परेशानी मे बताया यूकेलिप्टस जैसी लकड़ियों पर वन विभाग के अधिकारी हमसे 18% का टैक्स वसूलते हैं लेकिन कृषि उत्पादन में 0% से 5% तक का टैक्स है. सरकार को इस और भी ध्यान देना चाहिए ताकि व्यापारी भी अपना व्यापार कर सके और वन निगम की भी आए बढ़ सके
इस दौरान वन मंत्री सुबोध उनियाल ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहां की जसपुर के लकड़ी मंडी के व्यापारियों ने आज यहां पर आकर मुझसे मुलाकात की ओर कारोबार में आ रही परेशानियों के बारे मे अवगत कराया। जो व्यापारियों की समस्या है वो अधिकारियों के द्वारा दूर किया जा सकता हैँ , उन्होंने बताया कि व्यापारियों ने निगम के लिए कुछ सुझाव भी दिए निगम में जब लकड़ी के लाटो का आक्शन होता है कई बार आक्शन को निरस्त किया जाता है। उसके बाद वही लकड़ी कम दामों में चली जाती है और निगम को राजस्व का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने जलोनी लकड़ी और यूकेलिप्टस लकड़ी के बारे में कुछ समस्याएं बताई है। समस्याओं के समाधान के विषय में GM कुमाऊं को निर्देशित किया गया है कि लकड़ी व्यापारियों की परेशानियों का शीघ्र निराकरण मुझे अवगत कराए। उन्होंने कहा कि वन निगम ओर व्यापारियों के दोनों के हित में ऐसे निर्णय लिए जाएं व्यापारी भी संरक्षित हो और निगम की भी आय बड़े।
